कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के सरगांव गांव में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। दोनों ओर से लाठियां, डंडे और कुल्हाड़ियां तक चल पड़ीं। इस झड़प में कम से कम 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे है। हमलावरों ने इतना ही नहीं किया, बल्कि एक दलित परिवार के घर के बाहर बनी झोपड़ी में आग लगा दी, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। घायलों को तत्काल घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी हालत को देखते हुए कानपुर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
घटना के बारे में जानकारी मिलने पर घाटमपुर की विधायक सरोज कुरील तुरंत अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायलों से मुलाकात की, उनकी हालत जानी और पूरी घटना की जानकारी ली। घायलों ने विधायक को बताया कि सरगांव के ग्राम प्रधान के बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला किया।
आरोप है कि हमलावरों ने गड़ासे, डंडों और अन्य हथियारों से पीटा, बाल पकड़कर नोचा और जमकर मारपीट की। दलित परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह हमला पूर्व नियोजित था और ट्रैक्टर निकालने का बहाना मात्र था। झोपड़ी में आग लगाने से उनका पूरा सामान जल गया, जिससे परिवार को भारी नुकसान हुआ है।
विधायक सरोज कुरील ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि वे एक शादी समारोह में थीं, तभी उन्हें घटना की सूचना मिली। दलित परिवार पर हुए अत्याचार और घर में आग लगाने की बात सुनकर वे तुरंत अस्पताल पहुंचीं।
विधायक ने डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी से फोन पर बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। उन्होंने सजेती थाना प्रभारी को भी तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। डीसीपी ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी व्यक्तियों को जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाएगी।
पुलिस ने बताया कि मामला सजेती थाने के अंतर्गत आता है। दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर निकालने को लेकर पुरानी रंजिश का भी पता चला है, जो इस हिंसा का मुख्य कारण बन सकती है। घटना में शामिल संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मौके से कुछ सबूत भी जुटाए हैं। इसके साथ ही पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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